2013 बीत चुका है … so let’s welcome year 2014.
तो चलिये जानते हैं “अहम” का मतलब क्या है ?
अहम .... कुछ “ बडा “..... जो शायद आप बहुत पहले से पाना चाहते होंगे , जिसके बारे में सोचते होंगे पर उसे पा नहीं पाते होंगे । आपके लिए बड़ा क्या है ये सिर्फ आप तय करेंगे …हो सकता है ये औरों की नज़र में छोटा हो , ये बस आपके लिए बड़ा होना चाहिए …!!
For example:
किसी के लिए बड़ा हो सकता है, अपना business start करना, किसी के लिए exam में top करना ,किसी के लिए क्रिकेट टीम में स्लैक्ट होना. . किसी के लिए entrance exam clear करना .....जो भी आपके लिए बड़ा है उसे अपने जीवन का लक्ष्य (goal) बना लो।
और
हमें अपने सपनो का हमेशा पीछा करना चाहिए, और ये सुनिश्चित करना चाहिए कि हम कोई शॉर्टकट ना खोजें। रास्ता चाहे मुश्किल हो सकता है , लेकिन हमें कभी हार नही माननी चाहिये, कोशिश करते रहना चाहिये।
ओर इसके लिए आपको करने पडेंगे Goal Settings :
तो लक्ष्य (Goal) का मतलब क्या होता है : जो
- स्पष्ट (Specific)
- जिसे मापा जा सके (Measurable)
- पूर्ण करने योग्य (Achievable)
- वास्तविक (Realistic)
- समय में बंधा हुआ (Time-bound)
1) स्पष्ट : आपका लक्ष्य बिलकुल स्पष्ट होना चाहिए . अगर कोई कहता है कि उसे “अच्छे अंक लाने हैं ” तो ये बात स्पष्ट नहीं होती कि वो किस Subject या exam की बात कर रहा है . और अच्छे से क्या मतलब है ? किसी के लिए 100 में 80 अच्छा हो सकता है किसी के लिए 100 में 60 भी अच्छा हो सकता है .यानि वो अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट नहीं हैं , तो उसमे सफल होने की बात ही नहीं उठती .
2) जिसे मापा जा सके : आपका लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जिसे किसी पैमाने पर मापा जा सके. उदाहरन के तौर पर , यदि कोई कहता है की उसका लक्ष्य दौड कम से कम समय में पूरी करना है तो सवाल उठता है की कितने समय मे पुरी करना है . जैसे कि 30sec में 200m पूरा करना। जब लक्ष्य के साथ जब अंक(numbers) जुड़ जाते हैं तो आप अपनी तरक्की का नाप (measure ) कर सकते हैं . .
3) पूर्ण करने योग्य : यदि आप कोई ऐसा लक्ष्य बनाएँगे जो अन्दर से आपको ऐसी आवाज दे कि भाई ये तो नही हो सकता है तो ऐसे लक्ष्य का कोई अर्थ नहीं है .यदि आप पूरे दृढ निश्चय से कोई असंभव लक्ष्य बनायेंगे तो आपके लक्ष्य पूरा होने के अवसर बड जाएंगे। उदाहरन, आप निश्चय करते हैं कि मुझे Maths में 100 number लाने हैं और आपका पहले वाला record बताता है कि आप मुश्किल से ही इस subject में पास होते हैं तो तुरंत ही आपका मस्तिष्क इसे नकार देगा और आप इस लक्ष्य मे सफल नहीं हो पाएंगे . वहीँ अगर आप 75% marks लाने की सोचते हैं तो आपके सफल होने की संभावना कहीं अधिक होगी .
4) वास्तविक : आपका लक्ष्य आपके लिए वास्तविक होना चाहिए । जो लक्ष्य वास्तविक है वो पूर्ण करने योग्य हो सकता है, पर जो पूर्ण करने योग्य है वो वास्तविक भी हो ऐसा ज़रूरी नहीं है, Exam में top करना एक पूर्ण करने योग्य लक्ष्य है , पर यदि आपने शुरू से पढ़ाई नहीं की है और अब बस exam में कुछ ही दिन बचे हैं तो ये सोचना बिल्कुल गलत होगा, की आप top करेंगे। हमेशा अपनी योग्यता के अनुसार ही लक्ष्य बनाएं ।
5) समय में बंधा हुआ : लक्ष्य के साथ अगर आप समय सीमा नहीं निर्धारित करेंगे तो आपको उसमे सफलता प्राप्त करने की जरुरत महसूस नही होगी और आप उसे पूरा करने के लिए सही प्रयत्न भी नहीं कर पायेंगे । इसीलिए लक्ष्य बनाते वक़्त ये निश्चय करना कि इसे कब तक खत्म करना है . बहुत से लोग ये कहते है कि मुझे business start करना है , पर ये बहुत कम ही सुनने में आता है कि मुझे इस साल के इस महीने से business start करना है।
इसी तरह हमे अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए चाहिए सही Time Management.
और अगर आप अभी तक अपने “बड़े काम” की तरफ नहीं बढें हैं तो आप भी अपनी Life की journey एक step के साथ शुरू कीजिये, और जब बाद में आप पीछे मुड़ कर देखेंगे तो महसूस करेंगे कि 2014 आपकी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा साल था।
"TIME IS LIFE.
TO WASTE YOUR TIME IS TO WASTE YOUR LIFE;
TO MANAGE YOUR TIME IS TO MANAGE YOUR LIFE."
All the best !
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